September 16, 2026

बीएल एग्रो का पशु जेनेटिक्स में ₹1,500 करोड़ का दांव, बरेली से बनेगा इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल

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विशाल गुप्ता, बरेली @SanatanYatra : बीएल एग्रो ने अपनी बायोटेक्नोलॉजी कंपनी लीड्स जेनेटिक्स में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा कर पशु आनुवंशिकी कारोबार में बड़ा विस्तार करने की योजना सामने रखी है। कंपनी का लक्ष्य केवल बेहतर नस्ल तैयार करना नहीं, बल्कि जेनेटिक्स से लेकर ब्रीडिंग, पशु स्वास्थ्य, पोषण, दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को एकीकृत कर 360-डिग्री सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल तैयार करना है।

इस निवेश के तहत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इंटीग्रेटेड डेयरी और जेनेटिक्स इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। कंपनी इन राज्यों के साथ इस मॉडल को दोहराने को लेकर बातचीत कर रही है।

इस निवेश से फार्म, आईवीएफ, जीनोमिक्स और पैथोलॉजी लैब का नेटवर्क, प्रस्तावित इकोसिस्टम में इन-हाउस इंटीग्रेटेड ब्रीड इम्प्रूवमेंट फार्म, आईवीएफ–ईटी लेबोरेटरी, मल्टिपल ओव्यूलेशन एम्ब्रियो ट्रांसफर (एमओईटी), पैथोलॉजी लेबोरेटरी और जीनोमिक्स लेबोरेटरी शामिल होंगी। यानी पशु की जेनेटिक पहचान से लेकर भ्रूण उत्पादन और ब्रीड सुधार तक की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।

2027 तक हर माह 15 हजार भ्रूण तैयार करने और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

लीड्स जेनेटिक्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कंपनी ने वर्ष 2027 के अंत तक प्रति माह 15,000 भ्रूणों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बड़े पैमाने पर भ्रूण उत्पादन से बेहतर आनुवंशिकी वाले पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ाने और उन्हें अधिक किसानों तक पहुंचाने की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।

बीएल एग्रो के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल के अनुसार, किसान इस 360-डिग्री सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल के केंद्र में हैं। कंपनी का मानना है कि बेहतर जेनेटिक्स से दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता और पशुओं के दीर्घकालिक मूल्य में सुधार के साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी पैदा होंगे। लीड्स जेनेटिक्स देश में ही एलीट बुल्स, भ्रूण और सेक्स्ड सीमेन तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

कंपनी की कारोबारी रणनीति का एक अहम हिस्सा आयातित हाई-एंड जेनेटिक्स पर निर्भरता घटाना भी है। लीड्स जेनेटिक्स देश में ही एलीट बुल्स, भ्रूण और सेक्स्ड सीमेन तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ कंपनी स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और सुधार पर भी जोर दे रही है। इस मॉडल में जेनेटिक्स को एग्री-टेक, डेटा एनालिसिस, पशु स्वास्थ्य और डेयरी संचालन के साथ जोड़कर एक व्यापक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी के मुताबिक बेहतर जेनेटिक्स को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराने और देश में गाय नस्ल सुधार से केवल दूध उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय जेनेटिक्स से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन जोड़ने और ग्रामीण बिजनेस इकोसिस्टम तैयार करने पर फोकस किया जा रहा है।

1,500 करोड़ निवेश का संभावित फोकस

  • इंटीग्रेटेड ब्रीड इम्प्रूवमेंट फार्म।
  • आईवीएफ–ईटी और एमओईटी सुविधाएं।
  • जीनोमिक्स और पैथोलॉजी लैब।
  • एलीट बुल्स, भ्रूण और सेक्स्ड सीमेन का उत्पादन।
  • किसानों के लिए एक्सटेंशन और आउटरीच कार्यक्रम।
  • अन्य राज्यों में 360-डिग्री मॉडल का विस्तार।


कारोबार का पूरा चक्र

जेनेटिक्स → ब्रीडिंग → पशु स्वास्थ्य → पोषण → दूध उत्पादन → प्रोसेसिंग → बाजार → किसान आय

बीएल एग्रो का प्रस्तावित 360-डिग्री मॉडल पशुपालन को केवल दूध उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय जेनेटिक्स से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को जोड़ने पर आधारित है।

एमओयू होगा साइन

बीएल एग्रो के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के कल बरेली आने की संभावना है। बहुत संभव है कि उनके आने पर कंपनी का मध्य प्रदेश सरकार के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हो जाएं। इसी क्रम में आज समिट के पहले दिन मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने योजना को समझकर सकारात्मक संकेत दिये हैं

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