Deepawali2025: इस साल की दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि हर साल कार्तिक अमावस्या को दीपावली की पूजा स्थिर लग्न में करने का विधान है। इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर 3:47 से प्रारंभ होगी, जो 21 अक्टूबर को 5:56 तक रहेगी। 20 अक्टूबर को सभी राशि वाले लोग ग्रहों की अनुकूलता और सुख समृद्धि के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करेंगे। दीपावली पूजन का महत्व काली रात्रि और स्थिर लग्न में विशेष माना जाता है। @SanatanYatra
धनतेरस (धन त्रयोदशी)
ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा कहते हैं, पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर को दोपहर 12:20 से हो रही है। इसका समापन 19 अक्टूबर को दिन में 01:53 तक होगा। ऐसे में धनतेरस 18 को, व नरक चतुर्दशी यानि छोटी दीपावली 19 को मनाई जाएगी। इस प्रकार धनतेरस की खरीदारी 18 अक्टूबर शनिवार को दोपहर बाद से की जाएगी। धनवंतरी जयंती 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसी दिन सायं को चतुर्दशी तिथि होने के कारण छोटी दीपावली अर्थात यम का दीपक जलेगा।
20 अक्टूबर को दीपावली पूजन 21 अक्टूबर रिक्त तिथि रहेगी व 22 अक्टूबर को महिलाएं गोवर्धन बनाकर पूजा करेंगी।
23 अक्टूबर को भैया दूज का मुहूर्त रहेगा।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
आचार्य के अनुसार इस साल धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ समय- 18 अक्टूबर को दिन में 12:20 से 19 अक्टूबर को दिन के 01:53 तक रहेगा।
दीपावली 2025 पूजा के शुभ मुहूर्त-
कुंभ लग्न: दोपहर 2:56 से 4:05 तक विशेष स्थिति कुबेर आदि पूजन में शुभ रहेगी।
वृषभ लग्न: सायं 7:10 से रात्रि 9:06 तक,
सिंह लग्न: रात्रि 1:38 से 3:52 तक
क्या- क्या खरीदें:
धनतेरस खरीदारी का दिन माना जाता है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है। इस दिन सोने चांदी सहित घरेलू उपयोग की चीजों को खरीदना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भूमि, भवन, वाहन सहित अन्य चीजों को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मिट्टी के दीये, श्रीयंत्र, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, झाड़ू, नमक, धनिया और हल्दी आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
भैया दूज
दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है साथ ही उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी इस प्यार और आशीर्वाद के बदले उन्हें उपहार देकर उनका सम्मान करते हैं।
तिलक का शुभ दिन?
आचार्य के अनुसार भाई दूज की तिथि 22 अक्तूबर को रात 08:19 बजे प्रारंभ होकर 23 अक्तूबर को रात्रि 10:47 तक रहेगी। भाई दूज ऐसे में इस बार भाई दूज का पर्व 23 अक्तूबर गुरुवार को मनाया जाएगा।
तिलक का शुभ मुहूर्त:
दोपहर 01:11 से 03:28 तक
अवधि: कुल 2 घंटे 17 मिनट
इस समय में बहनें अपने भाइयों को तिलक कर सकती हैं और विधिपूर्वक पूजा कर सकती हैं।
भाई को तिलक लगाने की विधि
*शुभ मुहूर्त में भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बिठाएं।
*उसके सिर पर एक साफ रुमाल या कपड़ा रखें।
*फिर रोली और अक्षत (चावल) से तिलक करें।
*भाई के हाथ में कलावा (मौली) बांधें।
*उसके बाद मिठाई खिलाएं और घी का दीपक जलाकर आरती करें।
*अंत में भाई को बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।
ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा
नाथ नगरी बरेली
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